HomeAll Newsनालागढ़ अस्पताल में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

नालागढ़ अस्पताल में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की नियुक्ति से मजबूत होंगी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं नालागढ़। नालागढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य
news mitrNalagarh Hospital Gets 3 Specialist Doctors

ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की नियुक्ति से मजबूत होंगी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं

Table of Contents

    नालागढ़। नालागढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में लंबे समय से चली आ रही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी और एनेस्थीसिया के तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर और स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुसार डॉ. पंकज चौधरी को मेडिकल ऑफिसर ऑर्थोपेडिक्स, डॉ. मधुप अरोड़ा को मेडिकल ऑफिसर सर्जरी और डॉ. तमन्ना सूद को एनेस्थीसिया विभाग में नालागढ़ अस्पताल में तैनात किया गया है। डॉ. तमन्ना सूद को पीजी कोर्स पूरा करने के बाद एक वर्ष के लिए जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया गया है।

    नालागढ़ अस्पताल में लंबे समय से ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ का पद खाली था। इसके चलते हड्डी, जोड़, फ्रैक्चर और अन्य ऑर्थोपेडिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। अस्थायी व्यवस्था के तहत बद्दी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन नालागढ़ में सेवाएं दे रहे थे।

    अब स्थायी विशेषज्ञ की तैनाती से हड्डी रोग से जुड़ी सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद है। वहीं, सर्जरी विशेषज्ञ की उपलब्धता से सामान्य सर्जरी के मामलों में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

    एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद अस्पताल में इस विभाग के विशेषज्ञों की संख्या दो हो जाएगी, जिससे ऑपरेशन से जुड़ी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

    नालागढ़ अस्पताल पर पूरे उपमंडल के साथ-साथ शहरी, पहाड़ी और दूरदराज की पंचायतों से आने वाले मरीज भी निर्भर हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 800 से 900 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को सोलन, चंडीगढ़, पीजीआई या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे उनके समय और खर्च दोनों में बढ़ोतरी होती थी।

    तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से अब स्थानीय मरीजों को अस्पताल में ही बेहतर उपचार और सर्जरी संबंधी सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

    No Comments

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.

    TOP NEWS

    Latest

    More
    More
    Copyright 2026 Site. All rights reserved powered by site.com