Last updated: September 5th, 2026 at 06:10 am
Himachal HC Cancels HIMUDA CEO Appointmentशिमला: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने HIMUDA के CEO-सह-सचिव सुरेंद्र कुमार वशिष्ठ की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि लागू सेवा नियमों के तहत वशिष्ठ इस पद के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते थे। कोर्ट ने राज्य सरकार को नियमों के अनुसार पद पर नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
यह फैसला जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ ने HIMUDA की सीनियर चीफ इंजीनियर अंजोरी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। कपूर ने वशिष्ठ के पद को अपग्रेड करने और इसके बाद उन्हें CEO-सह-सचिव नियुक्त किए जाने को चुनौती दी थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि किसी अधिकारी के लिए ‘व्यक्तिगत उपाय’ के तौर पर पद अपग्रेड करने से नियमित कैडर का नया पद नहीं बन जाता। अदालत के अनुसार, वशिष्ठ का चीफ इंजीनियर पद पर प्रमोशन नियमित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था, इसलिए उन्हें CEO-सह-सचिव पद पर पदोन्नति के लिए योग्य नहीं माना जा सकता।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि लागू भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत योग्य उम्मीदवारों के बीच नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की जाए। सक्षम अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक बुलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
हाई कोर्ट ने 27 मई 2025 की उस अधिसूचना को भी रद्द कर दिया, जिसके तहत वशिष्ठ को CEO-सह-सचिव और अंजोरी कपूर को एडवाइजर (पॉलिसी एंड स्ट्रैटेजी) नियुक्त किया गया था।
हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि CEO-सह-सचिव के रूप में वशिष्ठ को उनके कार्यकाल के दौरान मिले वित्तीय लाभ की वसूली नहीं की जाएगी। कोर्ट ने यह भी माना कि कपूर को पद पर निष्पक्ष रूप से विचार किए जाने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत प्राप्त है।
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