HomeAll Newsकैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षकों के अवॉर्ड की राशि बढ़ी, डॉक्टरों का स्टाइपेंड और आशा वर्करों-नंबरदारों का मानदेय भी बढ़ाया

कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षकों के अवॉर्ड की राशि बढ़ी, डॉक्टरों का स्टाइपेंड और आशा वर्करों-नंबरदारों का मानदेय भी बढ़ाया

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और बुनियादी
news mitrHP Cabinet Boosts Teacher Awards and Doctor Stipends

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड, शिक्षकों के पुरस्कार, आशा कार्यकर्ताओं और नंबरदारों के मानदेय में वृद्धि सहित कई जनहितकारी फैसलों को मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम, एमसीएच और डीआरएनबी योग्यता प्राप्त सुपर-स्पेशियलिटी फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने का निर्णय लिया।

साथ ही पीजी मेडिकल विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है। अब प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 40,000 रुपये की जगह 50,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 45,000 रुपये के स्थान पर 60,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को 50,000 रुपये के बजाय 65,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

शिक्षकों को दिए जाने वाले पुरस्कारों की राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब 60,000 रुपये के स्थान पर 1.50 लाख रुपये और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को 40,000 रुपये के बजाय 1 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। साथ ही पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं देने का भी निर्णय लिया गया।

ग्रामीण प्रशासन से जुड़े नंबरदारों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 1 अप्रैल 2026 से 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नए फैसले

मंत्रिमंडल ने आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (टीएमसी) टांडा में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) तथा बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी। दोनों संस्थानों में प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए प्रतिवर्ष 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं।

इसके अलावा, स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद यदि जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) अथवा डायरेक्ट अभ्यर्थी चमियाना अस्पताल में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में या आईजीएमसी शिमला को छोड़कर अन्य किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं देते हैं, तो उन्हें अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी। यह व्यवस्था अगले छह वर्षों तक लागू रहेगी।

ऊर्जा और विकास परियोजनाओं को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने लापता बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए पुलिस थानों में विधिक स्वयंसेवकों (लीगल वॉलंटियर्स) की इम्पैनलमेंट को मंजूरी दी।

फोजल जलविद्युत परियोजना की उत्पादन क्षमता 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा, जल शक्ति विभाग की पेयजल, सिंचाई और सीवरेज पंपिंग योजनाओं में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए एनर्जी सर्विस कंपनी (ESCO) मॉडल अपनाने को स्वीकृति दी गई।

बैठक में जाठिया देवी माउंटेन सिटी (शिमला हिल्स) के विकास को मंजूरी देने के साथ-साथ पीपीपी मॉडल के तहत शिमला के विकासनगर में बहुउद्देश्यीय वाणिज्यिक परिसर विकसित करने का भी फैसला लिया गया।

मिड-डे मील में मिलेगा अंडा या मौसमी फल

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन को मंजूरी देते हुए निर्णय लिया कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के तहत सप्ताह में दो दिन उबला हुआ अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, वार जागीर अनुदान की राशि भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है।

No Comments

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.

TOP NEWS

Latest

More
More
Copyright 2026 Site. All rights reserved powered by site.com