Last updated: September 16th, 2026 at 05:44 am
Apple Arrivals Drop Sharply in Solan & Parwanoo Marketsपिछले साल इसी अवधि में पहुंची थीं करीब 24 लाख पेटियां, कम उत्पादन के बीच बागवानों को मिल रहे बेहतर दाम
सोलन। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर इस बार हिमाचल के सेब सीजन पर साफ दिखाई दे रहा है। सोलन और परवाणू की सेब मंडियों में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सेब की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अब तक दोनों मंडियों में करीब 8 लाख 20 हजार सेब की पेटियां ही पहुंची हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह आंकड़ा लगभग 24 लाख पेटियों का था।
जानकारी के अनुसार, इस सीजन में सोलन मंडी में करीब 5 लाख 60 हजार और परवाणू मंडी में करीब 2 लाख 60 हजार पेटियों की आवक हुई है। मंडियों में हिमाचल के विभिन्न सेब उत्पादक क्षेत्रों से स्पर, गाला, गोल्डन और किन्नौर सहित अन्य किस्मों का सेब पहुंच रहा है।
कम आवक के चलते मंडियों में सेब की उपलब्धता सीमित है, जिसका असर कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। कई किस्मों के सेब को बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। हिमाचल का सेब देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है और दक्षिण भारत के बाजारों में भी इसकी मांग बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष सर्दियों में मौसम अनुकूल नहीं रहने और पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण सेब की फसल प्रभावित हुई। कम उत्पादन के चलते सामान्य सीजन की तुलना में सोलन और परवाणू मंडियों में ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है।
हालांकि, बेहतर दाम मिलने से बागवानों को कुछ राहत मिली है, लेकिन कम फसल के कारण कुल उत्पादन और आमदनी पर असर पड़ने की चिंता भी बनी हुई है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब की आवक अभी भी जारी है, ऐसे में आने वाले दिनों में मंडियों में आवक बढ़ने की उम्मीद है।
मंडी समिति के सचिव राघव सूद ने बताया कि सर्दियों में मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण इस बार सेब की आवक प्रभावित हुई है। सोलन और परवाणू मंडियों में अब तक करीब 8 लाख 20 हजार पेटियां पहुंच चुकी हैं। हिमाचल का सेब दक्षिण भारत समेत देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments