Himachal Sets Minimum Age Rules for School Admissionsशिमला: हिमाचल प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत स्कूलों में दाखिले की उम्र को लेकर शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब बालवाटिका-1 (नर्सरी) से लेकर पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए बच्चों को निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करनी होगी। प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, बच्चे की उम्र संबंधित शैक्षणिक सत्र के 30 सितंबर तक पूरी होनी अनिवार्य है। ये नियम राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में दाखिले के लिए आयु सीमा स्पष्ट की गई है। यह पत्र शिक्षा सचिव ने स्कूल शिक्षा निदेशक, हिमाचल प्रदेश को भेजा है। इसमें विभाग की ओर से 12 मार्च 2026 को जारी पहले के पत्र का भी उल्लेख किया गया है।
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित की गई है।
बच्चे की निर्धारित उम्र संबंधित शैक्षणिक सत्र के 30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर, पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र इस तारीख तक छह वर्ष पूरी होना जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सभी स्कूलों को इन निर्देशों का पालन करना होगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी बच्चे की उम्र संबंधित कक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु से अधिक है, तो केवल इस आधार पर उसे दाखिला देने से मना नहीं किया जा सकता।
यदि अभिभावक अपने बच्चे को उसकी उम्र के अनुरूप अगली कक्षा में भेजने के बजाय किसी पिछली कक्षा में दाखिला दिलाना चाहते हैं, तो भी निर्धारित न्यूनतम आयु से अधिक होने के कारण स्कूल प्रवेश से इनकार नहीं कर सकेंगे।
सरकार के इस स्पष्टीकरण से दाखिले को लेकर अभिभावकों की असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है। साथ ही, सरकारी और निजी स्कूलों में आयु सीमा से जुड़े नियमों में एकरूपता सुनिश्चित होगी।
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