Bilaspur Gets Mobile Drug Testing Machineबिलासपुर न्यूज़: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए बिलासपुर जिला प्रशासन ने नई पहल की है। प्रशासन ने पुलिस को मोबाइल मादक पदार्थ जांच मशीन उपलब्ध कराई है। राज्य में अपनी तरह की पहली बताई जा रही इस मशीन से सबसे पहले उपायुक्त राहुल कुमार की जांच की जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच होगी।
अधिकारियों के अनुसार, ‘सो-टॉक्सा’ नामक इस मोबाइल जांच मशीन की कीमत करीब 19 लाख रुपये है। यह एम्फेटामाइन, मेथामफेटामीन, बेंजोडायजेपाइन, गांजा (THC), कोकीन और अफीम से जुड़े मादक पदार्थों सहित छह प्रमुख श्रेणियों की पहचान करने में सक्षम है।
यह मशीन खास तौर पर चिट्टा जैसे मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में संदिग्ध पदार्थों की पहचान करने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने शुक्रवार को बताया कि राज्य की पहली सो-टॉक्सा मोबाइल जांच मशीन से जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनके कार्यालय में उनकी जांच होगी। इसके बाद एसडीएम, एडीसी और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की जांच की जाएगी। इस संबंध में पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने जिला खनिज न्यास के माध्यम से यह मोबाइल जांच प्रणाली पुलिस को उपलब्ध कराई है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में मौके पर ही प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया के तहत नमूने लेकर मौके पर प्रारंभिक जांच की जा सकेगी। इससे जांच एजेंसियों को संदिग्ध पदार्थों की प्रकृति के बारे में जल्द जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
बिलासपुर जिला प्रशासन की इस पहल को नशे के खिलाफ अभियान में जागरूकता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों की जांच से अभियान के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने की भी कोशिश की जा रही है।
हालांकि, मशीन से होने वाली जांच के परिणामों की पुष्टि और किसी भी मामले में आगे की कार्रवाई निर्धारित जांच प्रक्रिया एवं लागू नियमों के अनुसार की जाएगी।
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