HomeAll Newsहिमाचल में PG मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा, 277 से बढ़कर 597 हुई संख्या; 121 आयुर्वेदिक डॉक्टर भी नियमित

हिमाचल में PG मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा, 277 से बढ़कर 597 हुई संख्या; 121 आयुर्वेदिक डॉक्टर भी नियमित

शिमला: हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
newsmitrHimachal PG Medical Seats More Than Double to 597

शिमला: हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (PG) मेडिकल सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 597 कर दी गई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मंजूरी मिलने के बाद कुल 320 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इसे पिछले 40 वर्षों में पीजी मेडिकल सीटों में हुई सबसे बड़ी वृद्धि बताया है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश के युवा डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

IGMC शिमला में सबसे ज्यादा 91 सीटें बढ़ीं

मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • IGMC शिमला: 139 से बढ़कर 230 सीटें
  • टांडा मेडिकल कॉलेज: 99 से बढ़कर 156 सीटें
  • मंडी मेडिकल कॉलेज: 24 से बढ़कर 79 सीटें
  • नाहन मेडिकल कॉलेज: 3 से बढ़कर 35 सीटें
  • चंबा मेडिकल कॉलेज: 4 से बढ़कर 32 सीटें
  • हमीरपुर मेडिकल कॉलेज: 8 से बढ़कर 65 सीटें

सरकार ने पिछले तीन वर्षों में वरिष्ठ आवासीय चिकित्सकों और विशेषज्ञ शिक्षकों के 218 पद भी सृजित किए हैं। इनमें टांडा में 54, नाहन में 31, चंबा में 32, मंडी में 36, हमीरपुर में 63 और चमियाणा में दो पद शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजी सीटों में बढ़ोतरी से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आयुर्वेद विभाग में 121 डॉक्टर नियमित

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आयुर्वेद विभाग में कार्यरत 121 डॉक्टरों को नियमित करने के आदेश भी जारी किए हैं। ये डॉक्टर पिछले दो वर्षों से आयुर्वेदिक अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में सेवाएं दे रहे थे।

विभाग की ओर से नियमितीकरण के साथ डॉक्टरों को तैनाती भी प्रदान की गई है। सभी डॉक्टरों को निर्धारित स्थानों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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