HomeAll NewsShimla News: अवैध निर्माण और पेड़ कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, तुरंत काम रोकने के आदेश

Shimla News: अवैध निर्माण और पेड़ कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, तुरंत काम रोकने के आदेश

Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला में बोइलेउगंज और चक्कर के बीच चल रहे सभी कथित अवैध
shimla newsShimla HC Orders Immediate Halt to Illegal Construction

Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला में बोइलेउगंज और चक्कर के बीच चल रहे सभी कथित अवैध बहुमंजिला निर्माण कार्यों तथा पेड़ कटाई को तुरंत रोकने का आदेश दिया है और इस मामले में पुलिस से प्राथमिकी में ज्ञात संदिग्धों के नाम नहीं शामिल किए जाने को लेकर जवाबतलब किया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी. नेगी की पीठ ने शिमला नगर निगम को तुरंत निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की रिपोर्ट में सामने आयी बातों पर गहरी चिंता जतायी है।  

यह जनहित याचिका एक शिकायत के आधार पर दायर की गयी थी, जिसमें बताया गया था कि इस इलाके में दो बड़ी इमारतें बनायी जा रही हैं, जो कथित तौर पर पांच से छह मंजिल ऊंची हैं। अदालत ने प्राधिकरण सचिव को निर्देश दिया था कि वे वन विभाग और नगर निगम आयुक्त के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जांच करें। उन्हें यह देखना था कि निर्माण कार्य कानूनी है या नहीं, जमीन किस तरह की है, और सड़क बनाने की अनुमति ली गई है या नहीं। पीठ ने सुनवाई के दौरान बोइलेउगंज (पश्चिम) पुलिस थाने के एसएचओ द्वारा दायर एक हलफनामे को देखा। इसमें बताया गया था कि 12 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। अदालत ने हालांकि गौर किया कि प्राथमिकी में संदिग्धों और आरोपियों के कॉलम में ‘अज्ञात’ लिखा गया था। जबकि इससे पहले के एक आदेश में संदिग्धों और निर्माणकर्ता , मेसर्स तेनज़नि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नामों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। पीठ ने इस चूक को एक बड़ी गड़बड़ी मानते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर उन लोगों को बचाने की कोशिश की है, जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।      

चिंताजनक तस्वीर आई सामने

प्राधिकरण के सचिव की रिपोर्ट में इलाके में हो रहे निर्माण कार्यों और हरियाली के नुकसान की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट में वन विभाग, नगर निगम और पुलिस विभाग की ओर से हुई कथित लापरवाही की ओर इशारा किया गया है, जिससे पता चलता है कि इन विभागों के बीच मिलीभगत हो सकती है। रिपोर्ट के साथ जमा की गयी तस्वीरों में सड़क के स्तर से ठीक ऊपर बनी छह मंजिला इमारत दिखाई दी, जो घाटी के नजारे को रोक रही थी। इसके अलावा चार मंजिला एक और इमारत भी दिखी, जिसके ऊपर रहने लायक ढलान वाली छत बनी थी। अदालत ने नियमों के उल्लंघन को दर्ज करने के लिए प्राधिकरण सचिव के प्रयासों की सराहना की। अदालत ने पाया कि यह ‘हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन नियमों’ के नियम 31 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसे 2025 के चौदहवें संशोधन नियमों के तहत संशोधित किया गया था।        

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