Four Arrested in Nalagarh Firing Cases, Overseas Extortion Links Suspectedनालागढ़। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में कारोबारियों को डराने के लिए 11 दिनों के भीतर हुई फायरिंग की तीन घटनाओं के मामले में बद्दी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में विदेश से फिरौती के लिए कॉल आने और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर गैंगस्टर पवन शौकीन, रफ्तार और हरमन के लिए काम करते थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी नशे के आदी हैं और पैसे व नशे के लिए वारदातों को अंजाम दे रहे थे। जांच में आरोपियों को धमकी देने और लोगों को डराने के बदले पैसे, नशा और युवती उपलब्ध करवाने के आरोप भी सामने आए हैं।
पुलिस ने 29 अक्तूबर की शाम जीरकपुर और पंजाब के रूपनगर जिले के बेलोंगी क्षेत्र में स्थित होटलों में दबिश देकर चारों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान उपकार सिंह (29), निवासी आनंदपुर साहिब, राजिंदर कुमार (29), निवासी घुमारवीं, देवेंद्र सिंह (34), निवासी आनंदपुर साहिब और अमृतपाल सिंह (32), निवासी रूपनगर के रूप में हुई है।
आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो, एक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां तीन को न्यायिक हिरासत और एक को तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला।
पहली वारदात: पुलिस के मुताबिक, 14 और 15 अक्तूबर की मध्यरात्रि बूटा पलासी गांव में रणवीर सिंह के घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात लोगों ने फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनकर रणवीर बाहर आए, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से कारतूस के दो खाली खोल बरामद हुए।
दूसरी वारदात: 23 और 24 अक्तूबर की मध्यरात्रि इसी गांव में मनप्रीत सिंह के घर के बाहर चार राउंड फायर किए गए। इनमें दो गोलियां घर के बाहर खड़ी फॉर्च्यूनर गाड़ी पर लगीं, जबकि दो हवाई फायर किए गए।
तीसरी वारदात: 25 अक्तूबर को गोल जमाला स्थित यूसुफ एंटरप्राइजेज कंपनी के मुख्य गेट पर बिना नंबर की पल्सर बाइक पर आए दो नकाबपोशों ने पांच राउंड फायरिंग की और फरार हो गए।
लगातार हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थलों और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। पंजाब सहित आसपास के क्षेत्रों में दबिश देने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच के अनुसार, देवेंद्र सिंह पर तीनों वारदातों में गोली चलाने की जिम्मेदारी होने का आरोप है, जबकि अमृतपाल सिंह पर उसे घटनास्थलों तक पहुंचाने का आरोप है। वारदातों में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो अमृतपाल के एक दोस्त की बताई जा रही है। पुलिस उस व्यक्ति को भी जांच में शामिल करेगी।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में कनाडा और यूरोपीय देशों से फिरौती के लिए कॉल आने के संकेत मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कारोबारियों को निशाना बनाने के निर्देश किसने दिए, विदेश में बैठे लोगों से आरोपियों का संपर्क कैसे होता था और स्थानीय स्तर पर उन्हें किसने मदद पहुंचाई।
जांच में हथियारों के स्रोत, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस फिरौती के लिए आने वाली कॉल और फायरिंग की घटनाओं के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने कहा कि फायरिंग, धमकी और फिरौती मांगने जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों और कारोबारियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की धमकी मिलती है या फिरौती की मांग की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और संभावित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
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