Nalagarh Pharma Firm’s Licenses Cancelled Over Illegal Tapentadol Productionनालागढ़: औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के जगातखाना में स्थित एक फार्मा कंपनी के खिलाफ ड्रग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी पर बिना अनुमति टेपेंटाडोल दवा के निर्माण का आरोप है। जांच के दौरान फैक्टरी परिसर और एक अलग गोदाम से बिना लेबल की गोलियां, कच्चा माल, तैयार दवाएं और पैकिंग सामग्री बरामद होने के बाद विभाग ने कंपनी के दोनों विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
ड्रग विभाग के अनुसार, शारिका बायोटेक को फार्म 25 और फार्म 28 के तहत जारी किए गए मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इन लाइसेंसों के तहत कंपनी को मिली सभी उत्पाद अनुमतियां भी निरस्त कर दी गई हैं।
मामला उस समय सामने आया जब 1 सितंबर को राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग, बद्दी के अधिकारियों ने एनसीबी के साथ मिलकर जगातखाना स्थित कंपनी के निर्माण परिसर का निरीक्षण किया। तलाशी के दौरान क्वारंटाइन क्षेत्र में एचडीपीई कंटेनरों में बड़ी संख्या में खुली और बिना लेबल वाली लाल रंग की कोटेड गोलियां मिलीं।
जांच टीम ने जब कंपनी से इन गोलियों के निर्माण, पहचान और भंडारण से संबंधित रिकॉर्ड मांगे तो संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए जा सके। बैच मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड भी जांच टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किए गए।
इसी मामले में बद्दी औद्योगिक क्षेत्र के एक अलग गोदाम से बरामद गोलियों पर एक तरफ ‘250’ अंकित पाया गया था। इसके बाद गोलियों के नमूने सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए।
ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी बद्दी की 7 सितंबर की रिपोर्ट में नमूनों में टेपेंटाडोल हाइड्रोक्लोराइड की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने कंपनी के लाइसेंस और उत्पाद अनुमतियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि शारिका बायोटेक को टेपेंटाडोल की किसी भी स्ट्रेंथ के निर्माण और बिक्री की अनुमति जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद कंपनी के परिसर से ऐसी गोलियां बरामद होना विभागीय कार्रवाई का प्रमुख आधार बना।
मामले में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद ड्रग विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने दोनों मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
आदेश के तहत कंपनी को सभी निर्माण गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा परिसर में मौजूद कच्चे माल, निर्माणाधीन बैच, तैयार दवाओं, रिकॉर्ड और पैकिंग सामग्री का निस्तारण संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर की निगरानी में करने को कहा गया है।
ड्रग विभाग की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कंपनी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। टेपेंटाडोल के अनधिकृत निर्माण और इसके संभावित दुरुपयोग को गंभीरता से लिया गया है। विभाग द्वारा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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