HomeAll Newsपरवाणू में स्वच्छता अभियान ने उजागर की व्यवस्थागत चुनौतियाँ, नागरिक भागीदारी पर उठे सवाल

परवाणू में स्वच्छता अभियान ने उजागर की व्यवस्थागत चुनौतियाँ, नागरिक भागीदारी पर उठे सवाल

औद्योगिक नगरी परवाणू में रविवार को नगर परिषद द्वारा चलाया गया विशेष स्वच्छता अभियान केवल सफाई कार्य तक सीमित नहीं
news mitrParwanoo Cleanliness Drive Exposes Waste Management Challenges

औद्योगिक नगरी परवाणू में रविवार को नगर परिषद द्वारा चलाया गया विशेष स्वच्छता अभियान केवल सफाई कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शहर की स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल भी सामने रख दिए।

Table of Contents

    सप्ताह के अवकाश दिवस पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में सेक्टर-4 के वार्ड नंबर 6 और 7 में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इसमें वार्ड-7 की नवनियुक्त पार्षद सीमा शर्मा, नगर परिषद कर्मचारी, एसएनएस फाउंडेशन के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

    अभियान के दौरान सुखना नाले और आसपास के क्षेत्रों से भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा, घरेलू अपशिष्ट और अन्य गंदगी हटाई गई। केवल कुछ ही स्थानों से लगभग डेढ़ टन कचरा एकत्र किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शहर में कचरा प्रबंधन अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

    सफाई के दौरान नाले में कई जगहों पर टूटी हुई सीवरेज पाइपलाइनें भी मिलीं, जिनसे लगातार प्रदूषण फैल रहा था। पार्षद सीमा शर्मा ने मौके पर ही इस समस्या को नगर परिषद के समक्ष उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाना जरूरी है, जिसमें प्रशासन और जनता दोनों की सक्रिय भागीदारी हो। इस दौरान समाजसेवी देवेंद्र शर्मा, अश्वनी डोगरा, सौरव शर्मा (गिन्नी), अनुराधा शर्मा, अनिल शर्मा और राज कुमार सहित एसएनएस फाउंडेशन के सदस्यों ने भी सक्रिय योगदान दिया। अभियान के माध्यम से “स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर और स्वस्थ शहर” का संदेश दिया गया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

    कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि नगर परिषद अब कचरे के चार प्रकार—गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और स्पेशल हाउसहोल्ड केयर वेस्ट (जैसे बल्ब, बैटरी, वायर आदि)—के पृथक्करण पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रत्येक घर, दुकान, कार्यालय और औद्योगिक इकाई में अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत निजी मकानों पर ₹500, दुकानों पर ₹1000 तक तथा खुले में कचरा फेंकने पर ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    No Comments

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.

    TOP NEWS

    Latest

    More
    More
    Copyright 2026 Site. All rights reserved powered by site.com