Last updated: June 11th, 2026 at 09:12 am
"Short Supply Sparks Ration Row"प्रदेश में खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से डिपुओं तक भेजे जा रहे सस्ते राशन में कथित तौर पर भारी कमी पाए जाने का मामला सामने आया है। डिपो संचालकों का आरोप है कि चावल, चीनी और आटे की बोरियों में निर्धारित मात्रा से 6 से 8 किलोग्राम तक कम राशन मिल रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को पूरा राशन उपलब्ध करवाना मुश्किल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार डिपो संचालक अपने क्षेत्र में पंजीकृत राशन कार्डधारकों की संख्या के आधार पर हर माह राशन की मांग भेजते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग उसी अनुरूप परमिट जारी करता है और डिपो संचालक निर्धारित मात्रा का पूरा भुगतान अग्रिम रूप से निगम को करते हैं। इसके बावजूद उन्हें परमिट के अनुसार पूरा राशन नहीं मिल रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा राशन की आपूर्ति से पहले उसका वजन सुनिश्चित करने और डिपो संचालकों को वेट चेक मेमो जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि डिपो संचालकों का कहना है कि इन आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है और व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है।
प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि इस समस्या को कई बार विभाग के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के खिलाफ न तो खाद्य आपूर्ति विभाग और न ही माप-तौल विभाग प्रभावी कदम उठा रहा है।
अशोक कवि ने यह भी दावा किया कि डिपुओं को भेजी जाने वाली खाद्य तेल की पेटियों में भी निर्धारित 12 लीटर के बजाय केवल 11 लीटर तेल निकलता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
डिपो संचालकों ने मांग की है कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और गोदामों से डिपुओं तक पहुंचने वाले राशन की नियमित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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