Last updated: June 24th, 2026 at 05:48 am
21 Ayurvedic Hospitals Removed from Ayushman, Himcareशिमला: हिमाचल प्रदेश में 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों को हिमकेयर और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पैनल से हटा दिया गया है। इस निर्णय के बाद इन अस्पतालों में आने वाले मरीज अब दोनों योजनाओं के तहत मिलने वाली मुफ्त और कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
हिमाचल स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी (एचपीएसबीवाई) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, केंद्र सरकार की नई ऑनलाइन प्रणाली में आयुर्वेदिक अस्पतालों को शामिल करने का प्रावधान नहीं है। इसी कारण इन संस्थानों को दोनों स्वास्थ्य योजनाओं के नेटवर्क से बाहर किया गया है।
अब तक इन अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध थी। नए फैसले के लागू होने के बाद यह सुविधा समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रदेश के अनेक मरीज प्रभावित हो सकते हैं।
इस निर्णय का असर अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी पड़ने की आशंका है। दोनों योजनाओं से संबंधित दस्तावेजी कार्य और रिकॉर्ड प्रबंधन संभालने वाले करीब 40 से 50 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा सकता है।
योजनाओं से बाहर किए गए अस्पतालों में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर, इसपुर, नालागढ़, हड़सर, धर्मशाला, कांगड़ा, केलांग, हमीरपुर, ऊना, रिकांगपिओ, नाहन, रामपुर बुशहर, चंबा, जोगिंद्रनगर, कंदरौर, कटराई, सोलन, मंडी और कुल्लू शामिल हैं। इसके अलावा रीजनल आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला तथा राजीव गांधी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पपरोला को भी दोनों योजनाओं के पैनल से हटा दिया गया है।
स्वास्थ्य योजनाओं से इन अस्पतालों के बाहर होने के बाद मरीजों को उपचार के लिए अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। वहीं, इस फैसले से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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