Sangrah Tragedy: Four Killed as Vehicle Carrying Body Falls into Gorgeसिरमौर के संगड़ाह क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गतलोग के समीप शव लेकर जा रही एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत नौ लोग घायल हुए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त को जगदीश शर्मा को दिल का दौरा पड़ने के बाद परिजन उन्हें संगड़ाह अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव को गांव अरलू ले जाने के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बोलेरो कैंपर किराए पर ली।
चिनाड गांव के पास कुछ अन्य ग्रामीण भी परिवार के साथ दुख की घड़ी में शामिल होने के लिए वाहन में सवार हो गए। इसके बाद वाहन अरलू की ओर रवाना हुआ। रात करीब 12:45 बजे गतलोग के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कैंपर करीब 50 मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
हादसे में राजेन्द्र (37), पुत्र नूपा राम निवासी अरलू, देस राज (23), पुत्र प्रेम सिंह निवासी अरलू, रिखी राम (58), पुत्र जागर सिंह निवासी चिनाड और राम गोपाल (62), पुत्र गंगा राम निवासी चिनाड की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में बृज मोहन (62), कृपा राम (61), देवेन्द्र सिंह (44), सुनील शर्मा (21), राम स्वरूप (44), जय प्रकाश (45), संदीप (21), कमलेन्द्र (48) और वाहन चालक कपिल देव (39) घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक कमलेन्द्र, संदीप, राम स्वरूप और चालक कपिल देव को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया। इनमें से एक गंभीर घायल को बेहतर उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार संगड़ाह अस्पताल में चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल संगड़ाह अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों के शवों का सीएचसी संगड़ाह में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
शव को घर ले जाते समय हुए इस हादसे ने एक परिवार के दुख को और गहरा कर दिया। जिस सफर में ग्रामीण परिवार के दुख में शामिल होने के लिए निकले थे, वही यात्रा चार लोगों की मौत और नौ लोगों के घायल होने के कारण मातम में बदल गई।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments