Himachal Bulk Drug Park Gets Extension Till March 2028हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थापित किए जा रहे महत्वाकांक्षी बल्क ड्रग पार्क परियोजना की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। प्रदेश सरकार के आग्रह पर अब इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे पहले परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा किया जाना था।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात और आंध्र प्रदेश में स्वीकृत बल्क ड्रग पार्क की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। बैठक के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को अगली किस्त जारी करने पर निर्णय लिया जा सकता है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व मुख्य सचिव केके पंत करेंगे।
ऊना में बन रहे बल्क ड्रग पार्क में अब तक करीब 261 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य पूरे हो चुके हैं या अंतिम चरण में हैं। इनमें 1,400 एकड़ से अधिक प्रस्तावित भूमि का समतलीकरण, पाइपलाइनों और स्टोरेज टैंकों का निर्माण, बिजली आपूर्ति के लिए समर्पित सब-स्टेशन, हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, चारदीवारी और आंतरिक संपर्क सड़कों का निर्माण शामिल है।
वित्तीय सहायता की बात करें तो केंद्र सरकार अब तक परियोजना के लिए 225 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 136 करोड़ रुपये दिए गए हैं। परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार, दोनों को 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान देना है।
वर्ष 2022 में स्वीकृत इस परियोजना को शुरुआत में जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, विभिन्न समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और प्रदेश सरकार ने समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया। इसके बाद परियोजना की समयसीमा मार्च 2026 और फिर मार्च 2027 तक बढ़ाई गई। अब इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
देश में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश का चयन किया था। हिमाचल की परियोजना में निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते आगामी समीक्षा बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बल्क ड्रग पार्क परियोजना की कुल लागत करीब 2,000 करोड़ रुपये है। इसके माध्यम से लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 15,000 से 20,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के शुरू होने से हिमाचल प्रदेश में दवा उद्योग को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। ऐसे में 28 अक्टूबर को होने वाली प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक परियोजना की प्रगति, निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा करने और आगे की केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
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