Pinjore-Baddi-Nalagarh Four-Lane to Be Ready in 2 Yearsबद्दी: लंबे समय से अधर में लटकी पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य एक बार फिर गति पकड़ने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस महत्वपूर्ण परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी संभालने वाली नई कंपनी गणपति भारत ने करीब 20 स्थानों पर काम शुरू कर दिया है। लगभग 36 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन को पूरा करने के लिए दो साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निर्माण एजेंसी के अनुसार, यदि बिजली के खंभों, हाईटेंशन लाइनों और अन्य यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़ी बाधाओं को समय पर दूर कर दिया जाता है, तो परियोजना को डेढ़ साल में भी पूरा किया जा सकता है। कंपनी की योजना दिवाली के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने की है, ताकि मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ काम करके निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी की जा सके।
पिछली निर्माण एजेंसी के बीच में काम छोड़ने के कारण फोरलेन परियोजना लंबे समय तक प्रभावित रही। अब नई कंपनी ने उन हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू किया है, जहां जमीन उपलब्ध है और तकनीकी बाधाएं कम हैं। यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुधार और चौड़ीकरण के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि, मार्ग में बिजली की लाइनें, खंभे और अन्य ढांचे अभी भी निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
NHAI के अधिकारी दिनेश पूनिया के अनुसार, परियोजना के शेष निर्माण कार्य को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नई निर्माण एजेंसी ने विभिन्न स्थानों पर काम शुरू कर दिया है और दिवाली के बाद काम में तेजी आने की उम्मीद है।
वहीं, गणपति भारत के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रहलाद ने बताया कि कंपनी ने करीब 20 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। कंपनी निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का प्रयास कर रही है।
पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन का निर्माण अप्रैल 2022 में शुरू हुआ था। इसे सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, भूमि अधिग्रहण, बिजली की लाइनों के स्थानांतरण और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण काम लगातार प्रभावित होता रहा।
निर्माण कार्य बीच में रुकने के बाद परियोजना का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा अधूरा रह गया था। इसके चलते NHAI को शेष काम के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
अब नई निर्माण एजेंसी के काम शुरू करने से क्षेत्र के लोगों को फोरलेन परियोजना जल्द पूरी होने की उम्मीद जगी है। इसके पूरा होने से पिंजौर, बद्दी और नालागढ़ के बीच यातायात व्यवस्था बेहतर होने तथा औद्योगिक क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक प्रगति बिजली लाइनों और अन्य निर्माण संबंधी बाधाओं के समाधान पर निर्भर करेगी।
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