ABVP Wins Fee Hike Battleशिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) की ओर से 28 मार्च को कार्यकारी परिषद की बैठक में लिए गए फीस वृद्धि के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का करीब पांच महीने से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद की कई प्रमुख मांगों को मानते हुए फीस वृद्धि के फैसलों में बदलाव किया है।
फीस वृद्धि के विरोध में विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में चरणबद्ध आंदोलन किया। इस दौरान ज्ञापन सौंपने, प्रशासन का घेराव, धरना-प्रदर्शन, शव यात्रा, शव प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान, मूक प्रदर्शन और आक्रोश रैलियां आयोजित की गईं।
विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि आंदोलन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कार्यकर्ताओं और फीस वृद्धि का विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए।
विद्यार्थी परिषद ने फीस वृद्धि वापस लेने के साथ छात्र संघ चुनाव बहाल करने, रनिंग सत्र के छात्रों की फीस में बढ़ोतरी न करने, छात्रावासों की फीस कम करने और प्रशासनिक कार्यों में बढ़ाई गई फीस को न्यायसंगत करने की मांग उठाई थी। इसके अलावा सब्सिडाइज्ड और नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस में की गई बढ़ोतरी को कम करने तथा पहले ही फीस जमा कर चुके छात्रों को बढ़ी हुई राशि वापस करने की मांग भी रखी गई थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद की मांगों पर सहमति जताते हुए रनिंग सत्र के छात्रों की फीस वृद्धि का फैसला वापस लेने की जानकारी दी है। छात्रावासों में बढ़ाई गई फीस को भी वापस लिया गया है।
प्रशासनिक कार्यों में की गई 100 प्रतिशत तक की फीस वृद्धि को घटाकर करीब 50 से 75 प्रतिशत तक कम किया गया है। वहीं, सब्सिडाइज्ड सीटों की बढ़ी हुई फीस में 10 प्रतिशत की कटौती की गई है।
नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों पर 25 से 166 प्रतिशत तक की प्रस्तावित फीस वृद्धि का फैसला भी वापस लिया गया है। अब इन सीटों पर करीब 12 प्रतिशत फीस वृद्धि लागू किए जाने की बात कही गई है।
22 अगस्त की शाम को विद्यार्थी परिषद की क्रमिक भूख हड़ताल का 20वां दिन था। फीस वृद्धि से जुड़ी मांगों पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति ने भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया।
विद्यार्थी परिषद ने इसे फीस वृद्धि के खिलाफ अपने लंबे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है।
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