Last updated: June 20th, 2026 at 05:32 am
CM Sukhu Demands Higher Royalty from Central Power Projects in Himachalशिमला। हिमाचल प्रदेश की नदियों पर स्थापित केंद्रीय जल विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली रॉयल्टी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कर्जमुक्त हो चुकी परियोजनाओं से राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी बढ़ाई जानी चाहिए।
शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ लगातार पत्राचार जारी है और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी इस संबंध में चर्चा की गई है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बैरा स्यूल पावर प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार 20 साल का विस्तार चाहती है, तो राज्य को उचित रॉयल्टी मिलनी चाहिए और 60 साल बाद प्रोजेक्ट हिमाचल को वापस किया जाना चाहिए।
सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्तमान में कुछ परियोजनाओं से राज्य को केवल 12 प्रतिशत रॉयल्टी मिल रही है, लेकिन कर्जमुक्त होने के बाद इसमें वृद्धि आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन राज्य के हैं और उनसे उत्पन्न बिजली पर राज्य का उचित अधिकार बनता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने विपक्षी नेता जयराम ठाकुर के बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।
आउटसोर्स भर्ती के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पर कोई रोक नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट से रोक हट चुकी है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण सरकार का अधिकार क्षेत्र है और जरूरत पड़ने पर इसमें सुधार किया जाएगा।
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