Last updated: July 11th, 2026 at 06:32 am
Fresh Landslide Hits Shimlaशिमला। राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार तड़के करीब चार बजे संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई मकानों पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
जानकारी के अनुसार, संजौली कॉलेज जाने वाले मार्ग के किनारे सड़क के नीचे बना डंगा अचानक ढह गया और मलबा नीचे स्थित रिहायशी मकानों की ओर जा पहुंचा। इससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी बीच से टूट गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि तीन से चार इमारतें गंभीर खतरे की जद में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। तेज आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर सहायता का इंतजार करते रहे।
लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद प्रशासनिक मदद देर से पहुंची। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को मकान खाली करने की सलाह दी। हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सुबह से ही उन्होंने पार्षद, विधायक, मेयर और अन्य जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक सहायता नहीं मिल सकी। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत, सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में एक निजी निर्माण कार्य के लिए नगर निगम से अनुमति दी गई थी। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान पहाड़ी की खुदाई की गई, जिससे लगातार बारिश के बीच जमीन कमजोर हो गई और भूस्खलन की स्थिति बनी। लोगों ने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़े भूस्खलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर 28 जून 2025 को भी भीषण भूस्खलन हुआ था। उस दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें रिहायशी मकानों में घुस गई थीं, जिससे कई बच्चे और महिलाएं घरों में फंस गए थे। एक बार फिर उसी क्षेत्र में भूस्खलन होने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
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