Last updated: August 31st, 2026 at 05:39 am
H1N1 Cases Rise in Himachal, Experts Urge Cautionशिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। महामारी विशेषज्ञ डॉ. नरेश पुरोहित के अनुसार यह मौसमी इन्फ्लूएंजा का असर है और फिलहाल किसी नए स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है।
डॉ. पुरोहित ने बताया कि H1N1 इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान शामिल हैं। कुछ संवेदनशील लोगों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।
उन्होंने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर ऐसे लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, जिन्हें फ्लू से जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है।
विशेषज्ञ ने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं न लेने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्फ्लूएंजा एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक्स वायरस पर प्रभावी नहीं होतीं।
डॉ. पुरोहित के मुताबिक, जरूरत न होने पर एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा दे सकता है, जिससे भविष्य में बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में दवाओं का असर कम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि फ्लू के साथ द्वितीयक बैक्टीरियल संक्रमण विकसित होता है, तो डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए दवा लेने का फैसला मेडिकल स्टोर या इंटरनेट की जानकारी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्य चिकित्सक की सलाह से किया जाना चाहिए।
फिलहाल विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय स्वच्छता, सावधानी और लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
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