Heliports Planned for Solan, Nahanशिमला। हिमाचल प्रदेश में हेली कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला से मंडी-चंडीगढ़ और कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच हेलिकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में हेलिटैक्सी सेवा को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न जिलों में हेलिपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए धनराशि का प्रावधान किया जा चुका है, जबकि नाहन और सोलन में भी हेलिपोर्ट बनाने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। वहीं, लाहुल-स्पीति के रंगरीक क्षेत्र में भारतीय सेना के सहयोग से हेलिपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में हवाई संपर्क को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक हवाई सुविधा पहुंचाना है। हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा में बन रहे हेलिपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में उच्च श्रेणी के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे तथा यात्रा का समय भी काफी कम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने, हेलिपोर्ट नेटवर्क विकसित करने और आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रदेश की विमानन अधोसंरचना को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान और पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। वहीं मंडी से पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड की उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, पवन ठाकुर, जोगिंद्र गुलेरिया, उपायुक्त अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। प्रशासनिक सचिवों को बैठक का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तिथि तय करने, सीबीएसई में परिवर्तित स्कूलों में शिक्षकों और प्राचार्यों की नियुक्ति, आपदा राहत पैकेज की समीक्षा तथा विभिन्न विकास योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments