Last updated: June 8th, 2026 at 10:55 am
Himachal Opens First Women’s Drug Rehabilitation Center, Second to Follow in Tandaशिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के समीप मशोबरा में प्रदेश का पहला विशेष महिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ‘नव-जीवन’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नशा, विशेषकर चिट्टा, केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय संकट है। प्रदेश सरकार ने इस चुनौती को गंभीरता से लिया है और जनता को जागरूक करने के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र महिलाओं को केवल चिकित्सकीय उपचार ही नहीं देगा, बल्कि सुरक्षित आवास, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास और परिवार आधारित सहयोग प्रणाली के माध्यम से उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के अंतर्गत दूसरा नशा मुक्ति केंद्र कांगड़ा जिले के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में खोला जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि नशे में फंसी महिलाएं अपराधी नहीं हैं, लेकिन तस्कर समाज के दुश्मन हैं और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई महिला नशे की गिरफ्त में आती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। यही कारण है कि सरकार उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि शिमला से 15 नवंबर को ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ की शुरुआत की गई थी, जो अब एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है। उन्होंने आम नागरिकों, युवाओं, शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि समाज से नशे की इस घातक कुरीति को समाप्त किया जा सके।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments