Himachal Weather: Heavy Rain Alert in Kangra & Sirmaurशिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर अभी भी जारी है। राज्य के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई मध्यम से भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार बारिश के चलते प्रदेश में 117 सड़कें बंद हैं, जबकि 141 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग ने 3 और 4 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में 6 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 8 सितंबर तक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण पेयजल की 51 योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
30 जून को मानसून के आगमन से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में करीब 107 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, राज्य को बारिश और इससे संबंधित घटनाओं से लगभग 1,202 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
बारिश से सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में 47, जबकि शिमला में 30 और कुल्लू में 22 सड़कें बंद हुई हैं। इसके अलावा कांगड़ा में 7, सिरमौर और ऊना में 4-4, लाहौल-स्पीति में 2 और सोलन में 1 सड़क प्रभावित हुई है।
पिछले दिनों नैना देवी में 186.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मलराउम में 140 मिमी, कसौली में 102 मिमी, घगहस में 99 मिमी, नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी, ब्राह्मणी में 90.4 मिमी, स्लैपर में 81.2 मिमी और काहू में 77.6 मिमी बारिश हुई।
कांगड़ा में 69 मिमी, बिलासपुर में 64 मिमी, नाहन में 58.8 मिमी और शिमला में 42.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
1 जून से 2 सितंबर के बीच प्रदेश में सामान्य 623.9 मिमी के मुकाबले 571.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इस तरह मानसून की कमी अब घटकर करीब 8 प्रतिशत रह गई है।
जिलावार आंकड़ों में लाहौल-स्पीति में 60 प्रतिशत कम, हमीरपुर में 31 प्रतिशत, मंडी में 16 प्रतिशत और सोलन में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, शिमला में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक, जबकि कुल्लू और बिलासपुर में 13-13 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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