Last updated: June 15th, 2026 at 09:45 am
Indian Army Updates Uniform Rules, Removes Colonial-Era Practicesनई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपनी वर्दी और ग्रूमिंग से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई नियमावली ‘आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026’ के तहत कई ऐसे प्रावधानों को संशोधित या समाप्त किया गया है, जिन्हें ब्रिटिश शासनकाल की परंपराओं से जुड़ा माना जाता था। सेना का उद्देश्य भारतीय सैन्य पहचान को और मजबूत करते हुए वर्दी को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
174 पन्नों की इस नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सेना के अधिकारी औपचारिक अवसरों पर बंद गले वाली बंडी जैकेट भी पहन सकेंगे। यह पहली बार है जब पारंपरिक भारतीय परिधान को औपचारिक सैन्य ड्रेस का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारी बंदगला, लाउंज सूट या टाई के साथ शर्ट-पैंट के साथ भी बंडी पहन सकेंगे, हालांकि इसके लिए रंग और डिजाइन के मानक तय किए गए हैं ताकि वर्दी की गरिमा बनी रहे।
नई नियमावली के तहत परेड और औपचारिक समारोहों से जुड़े कई पुराने नियमों को भी बदला गया है। अब परेड का निरीक्षण करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए तलवार लेकर चलना अनिवार्य नहीं होगा। इसके साथ ही कई ड्रेस कैटेगरी में उपयोग होने वाली पारंपरिक पाउच बेल्ट को भी हटा दिया गया है। हालांकि कुछ रेजिमेंटल और विशेष समारोहों में इसका उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा।
सेना ने सभी रैंकों के लिए नई सर्दियों की वर्दी ‘ड्रेस 3बी’ भी पेश की है, जिसमें अंगोला शर्ट, बैटल जैकेट और बेरेट शामिल हैं। यह वर्दी अधिक व्यावहारिक और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई है।
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