Last updated: June 12th, 2026 at 07:05 am
Nepal Rules Out Third-Party Mediationकाठमांडू: भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर हाल ही में दिए गए विवादास्पद बयानों के बाद नेपाल सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मुद्दे का समाधान केवल द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से ही किया जाएगा। नेपाल ने सीमा विवाद में किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
पिछले महीने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें उन्होंने भारत-नेपाल सीमा विवाद के समाधान के लिए चीन और ब्रिटेन जैसे देशों की भूमिका का उल्लेख किया था। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।
अब नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में स्पष्ट किया है कि भारत-नेपाल सीमा विवाद पूरी तरह से द्विपक्षीय मामला है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नेपाल हमेशा से इस मुद्दे का समाधान ऐतिहासिक संधियों, समझौतों और आधिकारिक नक्शों के आधार पर आपसी वार्ता के जरिए करने के पक्ष में रहा है।
नेपाली संसद को संबोधित करते हुए खनाल ने कहा कि नेपाल कूटनीतिक संवाद और सहयोग के माध्यम से सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच बातचीत ही विवादों के समाधान का सबसे प्रभावी और स्वीकार्य माध्यम है।
नेपाल सरकार के इस बयान को दोनों देशों के बीच संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि काठमांडू अब सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आपसी संवाद को प्राथमिकता देना चाहता है।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments