Last updated: September 11th, 2026 at 07:00 am
North India’s First Elevated Rotary Coming Up in Mandiमंडी: मंडी के बिंद्रावणी में चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी फोरलेन के संगम पर उत्तर भारत की पहली एलिवेटेड रोटरी का निर्माण किया जा रहा है। इस अनोखे जंक्शन का उद्देश्य वाहनों को बिना रुके और बिना ट्रैफिक लाइट के सुचारू रूप से आवाजाही की सुविधा देना है।
एनएचएआई करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से इस जंक्शन का निर्माण करवा रहा है। निर्माण कार्य अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था और अब तक 50 फीसदी से अधिक काम पूरा होने की बात कही गई है। एनएचएआई के अनुसार जंक्शन को मार्च 2027 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है।
दोनों फोरलेन की ऊंचाई में काफी अंतर होने के कारण यहां पारंपरिक जंक्शन बनाना संभव नहीं था। ऐसे में ओवरहेड एलिवेटेड रोटरी का डिजाइन तैयार किया गया। जंक्शन पर कुल चार मुख्य रैंप बनाए जा रहे हैं, जबकि मंडी शहर की ओर आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त रैंप होगा।
इस जंक्शन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत नहीं होगी। रैंप और स्लिप रोड के जरिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को उनके निर्धारित मार्ग पर भेजा जाएगा, जिससे ट्रैफिक का फ्लो लगातार बना रहेगा।
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी के अनुसार, परियोजना का मुख्य उद्देश्य फोरलेन पर फ्री-फ्लो ट्रैफिक सुनिश्चित करना और जाम व ट्रैफिक लाइट पर निर्भरता कम करना है। इससे मंडी शहर से गुजरने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह एलिवेटेड रोटरी पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जबकि मंडी से पद्धर तक फोरलेन निर्माण पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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