Last updated: June 16th, 2026 at 10:25 am
Shimla Murder Case Solved in 40 Hoursशिमला में दिनदहाड़े हुई मनीषा मित्तल हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज 40 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष, निवासी झज्जर और 25 वर्षीय दीपक, निवासी रोहतक के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल भी बरामद की हैं।
सोमवार को एसपी कार्यालय शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी अभिषेक शर्मा ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी मुख्य सड़कों, पुलिस नाकों और बैरियरों से बचते हुए छोटे और अंदरूनी रास्तों के जरिए हरियाणा भाग गए थे, ताकि वे पुलिस की नजर से बच सकें।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी हरियाणा से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए वाहन पर फर्जी हिमाचली नंबर प्लेट लगाकर आए थे। पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। हालांकि, हत्या के पीछे की साजिश, संभावित मास्टरमाइंड और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच अभी जारी है।
एएसपी अभिषेक शर्मा के अनुसार पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड जांच के समन्वय से बेहद कम समय में आरोपियों तक पहुंच बनाई। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
प्रॉपर्टी विवाद भी जांच के दायरे में
41 वर्षीय मनीषा मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली थीं और शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल का संचालन कर रही थीं। पुलिस के अनुसार स्कूल और संपत्ति को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसका मामला अदालत में भी विचाराधीन है।
मनीषा अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ स्कूल परिसर में रहती थीं। हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने उनकी बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं, विशेषकर प्रॉपर्टी विवाद के एंगल, की गहनता से जांच कर रही है।
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