Solan Chokes on Parking Crisis as Vehicles Flood Roadsसोलन: औद्योगिक विकास और पर्यटन के लिहाज से तेजी से उभर रहा सोलन शहर इन दिनों पार्किंग की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल विकसित नहीं हो पाए हैं। इसके चलते मॉल रोड, राजगढ़ रोड, रेलवे रोड और सपरून सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
सोलन जिले में पंजीकृत वाहनों की संख्या साढ़े तीन लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, कालका-शिमला मार्ग पर वीकेंड और पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों परवाणू, बद्दी और नालागढ़ के साथ-साथ कसौली, चायल और बड़ोग जैसे पर्यटन स्थलों पर बढ़ती आवाजाही ने पार्किंग की समस्या को और गंभीर बना दिया है।
शहर में 14 पार्किंग स्थल, क्षमता करीब 500 वाहनों की
सोलन शहर में नगर निगम के अनुसार 14 स्थानों पर करीब 500 वाहनों को पार्क करने की व्यवस्था है। इसके मुकाबले वाहनों की संख्या और पार्किंग की मांग कहीं अधिक है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को चालान काटने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात करने पड़ते हैं।
पुराने बस स्टैंड के पास सेना की जमीन से जुड़ा मामला भी लंबे समय से लंबित है। जमीन के विनिमय से संबंधित यह मामला करीब 17 वर्षों से अटका हुआ है, जिसके चलते प्रस्तावित पार्किंग का रास्ता साफ नहीं हो पाया है।
कहीं निर्माण जारी, कहीं योजनाओं का इंतजार
पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने कई योजनाओं पर काम शुरू किया है। सड़क किनारे निर्धारित स्थानों पर येलो लाइन योजना के तहत पहले चरण में लगभग 700 मीटर क्षेत्र में करीब 150 वाहनों के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई है। इस सुविधा को आगे बढ़ाकर लगभग 1,500 वाहनों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे रोड पर करीब 100 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग बनाई गई है, जबकि सपरून में लगभग 40 वाहनों के लिए पार्किंग स्थल विकसित किया गया है। ठोडो ग्राउंड के पास प्रस्तावित मल्टीस्टोरी पार्किंग में करीब 80 वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था की जानी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2.80 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
वहीं, अग्निशमन विभाग के पास राजगढ़ रोड क्षेत्र में चार मंजिला पार्किंग बनाने की योजना है। इसकी प्रस्तावित क्षमता 100 से 200 वाहनों की है। परियोजना की अनुमानित लागत 2.70 करोड़ से छह करोड़ रुपये के बीच बताई गई है।
पार्किंग परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान
नगर निगम ने पार्किंग सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न बजट प्रावधान किए हैं। वर्ष 2025-26 में दो प्रमुख पार्किंग परियोजनाओं के लिए शुरुआती तौर पर 5.50 करोड़ रुपये रखे गए थे। वहीं, वर्ष 2026-27 के बजट में पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए 6.70 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। विभिन्न परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार से 1.25 करोड़ और 1.75 करोड़ रुपये की राशि मिलने की भी जानकारी दी गई है।
हालांकि, शहरवासियों को इन योजनाओं का पूरा लाभ कब तक मिलेगा, यह निर्माण कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगा।
कसौली में भी पार्किंग की सीमित व्यवस्था
पार्किंग का संकट केवल सोलन शहर तक सीमित नहीं है। पर्यटन स्थल कसौली में वीकेंड और पर्यटन सीजन के दौरान प्रतिदिन करीब 1,000 वाहनों के पहुंचने का अनुमान है, जबकि मुख्य पार्किंग में लगभग 300 वाहनों के लिए ही जगह उपलब्ध है। चायल, बड़ोग और परवाणू में भी सार्वजनिक पार्किंग की सुविधाएं सीमित हैं। पर्यटन सीजन में अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन बढ़ते वाहनों के दबाव के सामने वे पर्याप्त साबित नहीं हो रही हैं।
पुलिस और नगर निगम ने क्या कहा?
सोलन के एसपी एसडी वर्मा के अनुसार, यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की जाती है और गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों के चालान किए जाते हैं। पर्यटन सीजन में वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है, हालांकि आने-जाने वाले वाहनों की कुल संख्या का नियमित रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है।
नगर निगम के डिप्टी मेयर गौरव राजपूत ने बताया कि शहर में करीब 500 वाहनों के लिए 14 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो नए स्थानों पर पार्किंग सुविधा विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और इनके निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
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