Last updated: June 23rd, 2026 at 05:44 am
Supreme Court Rejects Himachal Judge’s Promotion Plea Hearingनई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के न्यायिक अधिकारी की पदोन्नति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अधिकारी ने हाई कोर्ट में जज के पद पर प्रमोशन के लिए अपने नाम पर विचार करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
धर्मशाला फैमिली कोर्ट के प्रिंसीपल जज अरविंद मल्होत्रा ने आरोप लगाया था कि हाई कोर्ट कॉलेजियम ने प्रमोशन के लिए उनके जूनियर न्यायिक अधिकारियों के नाम आगे भेजे, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंजूरी दे दी।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलबीर सिंह ने दलील दी कि सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट कॉलेजियम को उनके नाम और एक अन्य जज के नाम पर दोबारा विचार करने को कहा था, लेकिन उनके मामले में ऐसा नहीं हुआ।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने की। पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि हाई कोर्ट कॉलेजियम ने याचिकाकर्ता के नाम को खारिज कर दिया है।
अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट कॉलेजियम को कोई न्यायिक निर्देश नहीं दिया जा सकता। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि याचिकाकर्ता की सेवा के अभी कई वर्ष बाकी हैं और भविष्य में पद खाली होने पर उनकी उम्मीदवारी पर विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की सलाह दी, जिसके बाद उनके वकील ने अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही। हालांकि, उन्हें प्रशासनिक स्तर पर उचित मंच या अन्य कानूनी विकल्प अपनाने की स्वतंत्रता दी गई।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
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