Last updated: June 1st, 2026 at 05:30 am
you-can-now-get-10-years-to-complete-mbbs-national-medical-commission-has-released-a-new-draftब्यूरो— नई दिल्ली
देश में डाक्टर बनने का सपना देख रहे मेडिकल छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारत में चिकित्सा शिक्षा की सर्वोच्च संस्था यानी नेशनल मेडिकल कमीशन ने एमबीबीएस कोर्स पूरा करने की अधिकतम समय सीमा को बढ़ाने का एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। नए प्रस्ताव के तहत अब छात्रों को अपना ग्रेजुएशन कोर्स पूरा करने के लिए कुल 10 साल का समय मिल सकता है। एनएमसी ने इस संबंध में एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसे ‘स्नातक चिकित्सा शिक्षा (संशोधन) विनियम, 2026’ नाम दिया गया है।
इस संशोधन के जरिए साल 2023 के पुराने नियमों की धारा 21 में बदलाव किया जाएगा, जिसके तहत पहले एमबीबीएस पूरा करने के लिए अधिकतम नौ साल की अवधि तय की गई थी। एनएमसी ने यह साफ कर दिया है कि कुल अवधि में एक साल की ढील देने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पढ़ाई के स्तर या शैक्षणिक मानकों से किसी भी तरह का समझौता किया जाएगा। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, फस्र्ट प्रोफेशनल एमबीबीएस परीक्षा को पास करने के लिए अधिकतम चार प्रयासों की सीमा को बरकरार रखा गया है।
रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप की अवधि भी शामिल
एनएमसी द्वारा प्रस्तावित इस 10 साल की अधिकतम समय सीमा में छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप की अवधि को भी शामिल किया गया है। चिकित्सा शिक्षा के विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से उन छात्रों को सीधा फायदा और मानसिक राहत मिलेगी, जिनकी पढ़ाई किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या, पारिवारिक परिस्थितियों, शैक्षणिक बाधाओं या किसी अन्य व्यक्तिगत कारणों से बीच में ही बाधित या रूक जाती है। यह अतिरिक्त एक साल छात्रों को बिना किसी दबाव के अपनी ट्रेनिंग पूरी करने का अवसर प्रदान करेगा।
हितधारकों से मांगे सुझाव; 27 तक ईमेल से भेजें फीडबैक
भारत के राजपत्र में प्रकाशित इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को एनएमसी ने अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया है। कमीशन ने देश के सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों, फैकल्टी मेंबर्स, डॉक्टरों, छात्रों और आम जनता से इस नए कानून पर उनके विचार, आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इस ड्राफ्ट पर अपनी प्रतिक्रिया भेजने की आखिरी तारीख 27 जून तय की गई है। 30 दिनों की इस अवधि में मिलने वाले सभी सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही इस नियम को अंतिम रूप देकर पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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