Last updated: June 13th, 2026 at 10:23 am
20-Litre Limit on Milk Purchaseहिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (हिमफेड) ने दूध खरीद को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रति दुग्ध उत्पादक प्रतिदिन अधिकतम 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा निर्धारित कर दी है। यह निर्णय बढ़ती दूध आपूर्ति और प्रसंस्करण संयंत्रों पर बढ़ रहे दबाव को देखते हुए लिया गया है।
हिमफेड के निदेशक मंडल की 16 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में संघ के दूध प्रसंस्करण संयंत्र अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक कार्य कर रहे हैं, जिसके चलते संचालन संबंधी कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
इन चुनौतियों में मशीनों की नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए पर्याप्त समय का अभाव, दूध भंडारण क्षमता की कमी, उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव, रखरखाव व्यय में वृद्धि और मरम्मत कार्यों के लिए सीमित समय शामिल हैं। ऐसे में संयंत्रों के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए दूध खरीद की सीमा तय करना आवश्यक हो गया था।
हिमफेड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान क्षमता सीमाओं के कारण नई पंजीकृत दुग्ध सहकारी समितियों से दूध खरीदना फिलहाल संभव नहीं है। संघ का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक छोटे और सीमांत दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संतुलित रूप से मजबूत करना है।
हिमफेड मुख्यालय ने मंडी, कांगड़ा, दत्तनगर, नाहन और नालागढ़ इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी दो से तीन दिनों के भीतर सभी दुग्ध सहकारी समितियों, दूध उत्पादकों और संबंधित हितधारकों को इस निर्णय की जानकारी दें और इसके कारणों से अवगत कराएं।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दूध खरीद पर लगाई गई यह सीमा अस्थायी व्यवस्था है और परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में इसकी समीक्षा की जाएगी।
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