Last updated: July 30th, 2026 at 05:51 am
HPU Launches First PhD Batch in Green Energyशिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के नवस्थापित हरित ऊर्जा एवं नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र ने अपने पहले पीएचडी बैच की शुरुआत कर दी है। इस अवसर पर केंद्र के शोधार्थियों ने संकाय सदस्यों के साथ कुलपति प्रो. महावीर सिंह से शिष्टाचार भेंट की।
कुलपति ने शोधार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें हरित एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शोध कार्य ऐसा होना चाहिए, जो समाज के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करे।
केंद्र के पहले पीएचडी बैच में कुल छह शोधार्थियों को प्रवेश दिया गया है, जिनमें तीन पूर्णकालिक और तीन अंशकालिक शोधार्थी शामिल हैं।
अंशकालिक शोधार्थियों में प्रदीप कुमार (फिश्टनर कंसल्टिंग इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड) ग्रीन हाइड्रोजन के भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स, अजमल टीजे (फ्लोटेक्स सोलर) फ्लोटिंग सोलर तकनीक तथा स्वाति गंगटा (ऊर्जा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश) सौर ऊर्जा प्रणालियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रबंधन पर शोध करेंगी।
वहीं, पूर्णकालिक शोधार्थियों में भाव्य भास्कर सिंगला ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग, रजत रजनीश एग्री-फोटोवोल्टिक तकनीक तथा अमन शर्मा डेटा साइंस आधारित स्मार्ट ऊर्जा प्रणालियों पर अनुसंधान करेंगे।
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और सरकारी संस्थानों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाने वाला यह केंद्र नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय का पहला नवस्थापित केंद्र है, जिसने पीएचडी कार्यक्रम शुरू किया है।
शोधार्थी डॉ. अंजलि शर्मा, डॉ. जैस्मिन कौर सैनी और डॉ. मनीष कुमार के मार्गदर्शन में अपना शोध कार्य करेंगे। कुलपति ने विश्वास जताया कि यह पहला पीएचडी बैच हरित ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में एचपीयू को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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