Last updated: July 8th, 2026 at 10:17 am
CM Sukhu Opposes VBG-RAM-G Schemeशिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रस्तावित ‘वीबी-जी-राम-जी’ योजना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है और राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के स्थान पर नई योजना लागू होने से राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती थी, जबकि नई योजना में कुल व्यय का 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पहाड़ी राज्य हिमाचल के लिए व्यावहारिक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को और अधिक मजबूत बनाने के लिए खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है तथा जल्द ही नई भर्तियां भी की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में निर्माणाधीन पंचायत घरों को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ऊना में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के लिए भी अतिरिक्त बजट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को लगातार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता दी जा चुकी है। उनके उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए शिमला में हिमाचल हाट का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पंडोह और कुल्लू में नए शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। धर्मशाला में ऐसा शोरूम पहले से संचालित है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को फूड वैन उपलब्ध कराई गई हैं और भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग की प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़कर उनकी ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments