Last updated: June 3rd, 2026 at 05:51 am
Himcare Payments to Private Hospitals Stoppedहिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों को होने वाले भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस योजना से जुड़े मामलों की विजिलेंस जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निजी अस्पताल को भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान से जुड़े करीब 20 मामले हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं, जिनमें सरकार से जवाब भी मांगा गया है। इसके बाद यह मामला हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में उठाया गया, जहां मंत्रिमंडल ने जांच पूरी होने तक भुगतान रोकने को उचित माना।
हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले सप्ताह हिमकेयर योजना के लंबित भुगतानों के लिए 100 करोड़ रुपए जारी किए थे, लेकिन यह राशि मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों के लिए निर्धारित की गई है। निजी क्षेत्र में केवल उन संस्थानों को भुगतान किया जाएगा, जहां डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले चरण में करीब 48 करोड़ रुपए का आवंटन कर दिया है। इसके तहत आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स बिलासपुर को 10-10 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा को 2 करोड़, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल चंडीगढ़ को 1 करोड़ तथा टांडा मेडिकल कॉलेज को 5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। डायलिसिस सेवाएं देने वाले निजी अस्पतालों और संस्थानों को भी 10 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
सरकार अब दूसरे चरण में भी इसी प्रकार अन्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को धनराशि जारी करेगी। उल्लेखनीय है कि हिमकेयर योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों का कुल बकाया 450 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच चुका है।
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