Last updated: July 28th, 2026 at 07:02 am
Monsoon Havoc Hits Himachalहिमाचल प्रदेश में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। शिमला से लेकर चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर तक बारिश और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। विभिन्न हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई सड़कें बंद होने और दर्जनों वाहनों के मलबे में दबने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राजधानी शिमला में लगातार बारिश के चलते सर्कुलर रोड पर बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। वहीं, चमियाणा अस्पताल जाने वाला मुख्य मार्ग भी भूस्खलन और पेड़ गिरने के कारण बंद हो गया। सुबह दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले हजारों लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा और कई लोगों ने पैदल सफर किया।
चंबा जिले के नगर परिषद क्षेत्र के सुल्तानपुर वार्ड स्थित ओवड़ी मोहल्ले में देर रात भारी भूस्खलन हुआ। मलबे की चपेट में करीब 12 वाहन दब गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई परिवार एहतियातन अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
कांगड़ा और चंबा में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की जान चली गई। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लाहड़ के पास तेज बारिश के दौरान एक कार गहरी खाई में गिर गई, जिसमें तीन माह के नवजात सहित पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर 53 मील के पास एक 16 टायरी ट्रक पुल की रेलिंग तोड़कर खड्ड में गिर गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई।
ऊना जिले के टकारला क्षेत्र में तेज बारिश के कारण एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। वहीं, मंडी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरोट को जाने वाला मार्ग देव ढांक के पास हुए बड़े भूस्खलन के कारण बंद हो गया।
हमीरपुर के भोरंज उपमंडल में भारी बारिश से बस्सी-तत्ताहर सड़क पर निर्माणाधीन पुलों के पास बनाई गई अस्थायी सड़क बह गई। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। राहत एवं बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं
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