Shimla’s Drug Problem: 271 Cases Registered in 2026शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में 9 अक्टूबर तक पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 271 मामले दर्ज कर 549 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 5.04 किलोग्राम चिट्टा बरामद करने के साथ नशा तस्करी से अर्जित 12.61 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त या फ्रीज किया गया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार, पुलिस ने नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल छोटे तस्करों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि आरोपियों से पूछताछ और बैकवर्ड लिंकेज के जरिए नशे की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपियों तक पहुंचने पर भी विशेष ध्यान दिया। इस अभियान के तहत 61 ड्रग सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए और 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, दर्ज 271 मामलों में 22 वाणिज्यिक मात्रा और 177 मध्यवर्ती मात्रा से संबंधित मामले शामिल हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 58.5 ग्राम मेथ क्रिस्टल, वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी, करीब 15.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और पांच किलोग्राम पोस्त भी बरामद किया गया।
नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने खेती के स्तर पर भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान भांग के लगभग 10 लाख पौधों और अफीम के करीब 6,000 पौधों को नष्ट किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2026 में अब तक 40 लोगों को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया है।
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर आठ और वर्ष 2024 में 14 गिरफ्तारियां की गई थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह आंकड़ा दोनों वर्षों से अधिक हो चुका है।
पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की है। एक मामले में आरोपी द्वारा लोक निर्माण विभाग की सरकारी भूमि पर बनाए गए अस्थायी ढाबे या रेस्टोरेंट को विभाग ने पुलिस की सहायता से ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया।
शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5.04 किलो चिट्टा बरामद; 61 ड्रग सप्लाई नेटवर्क किए ध्वस्त
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में 9 अक्टूबर तक पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 271 मामले दर्ज कर 549 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 5.04 किलोग्राम चिट्टा बरामद करने के साथ नशा तस्करी से अर्जित 12.61 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त या फ्रीज किया गया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार, पुलिस ने नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल छोटे तस्करों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि आरोपियों से पूछताछ और बैकवर्ड लिंकेज के जरिए नशे की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपियों तक पहुंचने पर भी विशेष ध्यान दिया। इस अभियान के तहत 61 ड्रग सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए और 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, दर्ज 271 मामलों में 22 वाणिज्यिक मात्रा और 177 मध्यवर्ती मात्रा से संबंधित मामले शामिल हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 58.5 ग्राम मेथ क्रिस्टल, वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी, करीब 15.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और पांच किलोग्राम पोस्त भी बरामद किया गया।
नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने खेती के स्तर पर भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान भांग के लगभग 10 लाख पौधों और अफीम के करीब 6,000 पौधों को नष्ट किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2026 में अब तक 40 लोगों को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया है।
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर आठ और वर्ष 2024 में 14 गिरफ्तारियां की गई थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह आंकड़ा दोनों वर्षों से अधिक हो चुका है।
पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की है। एक मामले में आरोपी द्वारा लोक निर्माण विभाग की सरकारी भूमि पर बनाए गए अस्थायी ढाबे या रेस्टोरेंट को विभाग ने पुलिस की सहायता से ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया।
शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments