HomeAll News26 जून से शुरू होगा राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों से सजेगा सोलन

26 जून से शुरू होगा राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों से सजेगा सोलन

सोलन का प्रसिद्ध राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला इस वर्ष 26 से 28 जून तक पारंपरिक श्रद्धा, उत्साह और भव्यता
news mitrSolan Ready for Grand Shoolini Mela

सोलन का प्रसिद्ध राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला इस वर्ष 26 से 28 जून तक पारंपरिक श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने शूलिनी मेला समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेले की तिथियों की घोषणा की और सभी संबंधित विभागों को तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डॉ. शांडिल ने कहा कि मां शूलिनी मेला सोलन की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान शोभायात्रा, पूजा-अर्चना, भंडारे, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निशुल्क बस सेवा भी संचालित होगी।

मेले में इस बार प्रदेशभर के सांस्कृतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त क्राफ्ट मेला, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी, कुश्ती, ठोडो, रस्साकशी, कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, टेबल टेनिस और जुडो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। नारा लेखन, बेबी शो, फ्लावर शो और पैट शो भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। तीन दिवसीय यह आयोजन एक बार फिर सोलन को आस्था, संस्कृति और उत्सव के रंगों से सराबोर करेगा।

मेले में सुरक्षा के विशेष प्रबंध

राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग विशेष प्रबंध करेगा। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर नाकाबंदी की जाएगी। पूरे मेले क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी, जिन पर पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा।

आपदा के समय सहयोग करने वाले कलाकारों को सम्मानित करने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता अरुण शर्मा ने सुझाव दिया कि मेले में उन कलाकारों को विशेष रूप से आमंत्रित और सम्मानित किया जाए, जिन्होंने आपदा और कठिन परिस्थितियों के दौरान राहत कार्यों में योगदान देकर प्रदेशवासियों का साथ निभाया। उन्होंने कहा कि मां शूलिनी मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक है। ऐसे कलाकारों को मंच देकर सम्मानित करना समाज के लिए प्रेरणादायक कदम होगा।

बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मेला समिति के सदस्यों ने भाग लिया और मेले की तैयारियों की समीक्षा की।

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