Last updated: July 1st, 2026 at 04:50 am
Himachal Urban Bodies to Go Fully Digital for Financial Transactions from August 1शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। अब शहरी निकायों में नगर सेवाओं और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य ‘उपयोग’ (Urban Platform for Delivery of Online Governance) पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 1 अगस्त से सभी वित्तीय लेन-देन, लेखा कार्य और रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह कदम भारत सरकार के राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत उठाया गया है।
सरकार का उद्देश्य नगर निकायों की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ाना है। अब बजट तैयार करने, बिल प्रक्रिया, जनरल लेजर, रसीदों, संपत्ति प्रबंधन, बैंक मिलान और अन्य लेखा संबंधी सभी कार्य उपयोग पोर्टल पर ही किए जाएंगे।
अधिसूचना के अनुसार पुराने रिकॉर्ड (लीगेसी डेटा) और नए सभी वित्तीय लेन-देन को भी पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होगा। इसके लिए राष्ट्रीय नगर लेखा पुस्तिका और हिमाचल प्रदेश नगर लेखा पुस्तिका-2025 के मानकों का पालन किया जाएगा।
सरकार ने संपत्ति कर, कूड़ा शुल्क, व्यापार लाइसेंस और अन्य नागरिक सेवाओं को भी उपयोग पोर्टल के लेखा मॉड्यूल से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे राजस्व संग्रह की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और वित्तीय गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।
नगर निगमों के आयुक्तों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के कार्यकारी अधिकारियों व सचिवों को पोर्टल के 100 प्रतिशत उपयोग, समय पर डाटा एंट्री, ऑनलाइन राजस्व संग्रह और वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
संबंधित शहरी निकायों को पोर्टल शुरू करने से पहले यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग प्रमाणपत्र शहरी विकास निदेशक को जमा करना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपयोग पोर्टल से जारी भुगतान बाउचर, रसीदें और वित्तीय रिपोर्टें भविष्य में ऑडिट के लिए मान्य दस्तावेज मानी जाएंगी।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.
No Comments