Last updated: July 2nd, 2026 at 05:10 am
Monsoon Triggers Landslides in Solanसोलन। मानसून की पहली ही बारिश ने सोलन जिले में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हुई बारिश के चलते कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ियों से मलबा, पत्थर और पेड़ सड़कों पर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें प्रभावित स्थानों पर लगातार मलबा हटाने और यातायात को सामान्य बनाने में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है और भूस्खलन, जलभराव तथा सड़क अवरुद्ध होने को लेकर चेतावनी जारी की है।
जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, घर से निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने तथा भूस्खलन संभावित स्थानों पर वाहन खड़े न करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं सड़क पर मलबा, पेड़ गिरने या किसी अन्य आपदा जैसी स्थिति दिखाई दे तो इसकी तुरंत सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने बताया कि मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान सतर्कता और सावधानी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
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