Orange Alert for Four Himachal Districtsहिमाचल प्रदेश में मानसून ने बुधवार को पूरे प्रदेश में आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी। हालांकि मानसून के पहले ही दिन भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश से जुड़े हादसों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, मृतकों में दो लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, जबकि एक व्यक्ति की पहाड़ी से फिसलने, एक की करंट लगने और दो अन्य की अलग-अलग हादसों में मौत हुई। कांगड़ा जिले में सबसे अधिक तीन लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि मंडी में एक व्यक्ति की जान गई। इसके अलावा कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हुई।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 35 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक 18 सड़कें कुल्लू जिले में प्रभावित हैं। मंडी में 11, जबकि ऊना, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में दो-दो सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से मार्गों को जल्द बहाल करने में जुटा हुआ है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला है। प्रदेश में 127 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। इनमें कुल्लू में 86, सोलन और सिरमौर में 12-12, मंडी में 11 तथा ऊना में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली है।
वहीं, मंडी और शिमला जिलों में एक-एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। 20 जून से 1 जुलाई के बीच लोक निर्माण विभाग को प्रदेशभर में 5.82 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें सबसे अधिक क्षति कांगड़ा जोन में दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, दो और तीन जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चार जुलाई को अधिकांश क्षेत्रों में यलो अलर्ट रहेगा, जबकि पांच जुलाई को मंडी और सिरमौर के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। छह जुलाई को भी कई इलाकों में भारी वर्षा की संभावना है और सात जुलाई को यलो अलर्ट रहेगा।
बीते 24 घंटों में कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिमी, घमरूर में 95.2 मिमी, गुलेर में 87.2 मिमी और पालमपुर में 74.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चंबा के सलूनी में 68.2 मिमी और मंडी के जोगिंदरनगर में 48 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मंगलवार रात लाहौल-स्पीति के जिस्पा क्षेत्र में बादल फटने से एक नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कुछ समय के लिए लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ। हालांकि बाद में मार्ग को बहाल कर दिया गया। स्थिति को देखते हुए उपायुक्त किरण भड़ाना ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहौल-स्पीति की यात्रा करें और यात्रा से पहले मौसम व सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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