Last updated: June 30th, 2026 at 10:04 am
Shimla Murder Case Solved: Brother Accused of Plotting Sister’s Killing Over Property Disputeशिमला के संजौली क्षेत्र में हुए मनीषा मित्तल हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की साजिश संपत्ति विवाद के चलते रची गई थी और इस मामले में मृतका के भाई हिमांक मित्तल को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस ने हिमांक मित्तल और उसके साथी गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, 13 जून 2026 को संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की और मौके से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जानकारी और गवाहों से पूछताछ शुरू की।
जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी हरियाणा से सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे। पुलिस ने वाहन की पहचान के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए 39 घंटे के भीतर रोहतक से दोनों कथित शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भी बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके कारोबारी साझेदार गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गोविंद ने हत्या में इस्तेमाल कार की व्यवस्था की थी और कथित तौर पर शूटरों को पैसे उपलब्ध कराए गए थे। तकनीकी जांच में घटना से पहले गोविंद और दोनों शूटरों की लोकेशन शिमला में पाई गई। वारदात के बाद गोविंद फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने तकनीकी निगरानी के आधार पर रोहतक से गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल द्वारा गोविंद के खाते में 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जांच में मिले डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हिमांक मित्तल को कथित तौर पर हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी माना है।
एएसपी शिमला मेहर पंवर ने बताया कि मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार कार्रवाई के आधार पर हत्याकांड का खुलासा किया है। हालांकि, मामले में अंतिम फैसला न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
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