Last updated: July 13th, 2026 at 05:23 am
Chitta Smuggling Network Exposedहिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान सीमा से पंजाब पहुंचने वाली चिट्टे की खेप को सुनियोजित तरीके से हिमाचल तक पहुंचाया जा रहा था। इस कार्रवाई में एसटीएफ ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुल 78.45 ग्राम चिट्टा बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को एसटीएफ ने तलवाड़ा के दो युवकों को 60.45 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर एंटी-चिट्टा टीम ने देर शाम तलवाड़ा से सटे हलेड गांव में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान किराए के कमरे में मौजूद दो युवकों में से एक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन एसटीएफ ने पीछा कर उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दोनों के कब्जे से 18 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में उनकी पहचान पंजाब के फिरोजपुर जिले के रहने वाले मोहित थापर और रजनीश कुमार के रूप में हुई। दोनों करीब 20 दिन पहले हलेड गांव में किराए का कमरा लेकर रहने लगे थे।
प्रारंभिक जांच में एसटीएफ को आशंका है कि पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के माध्यम से पंजाब पहुंचने वाली चिट्टे की खेप को पहले सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षित ठिकानों पर रखा जाता है। इसके बाद छोटे-छोटे पेडलरों के जरिए इसे हिमाचल के विभिन्न इलाकों में पहुंचाया जाता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार नशा तस्कर अब कम उम्र के युवाओं और किशोरों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। 19 से 20 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को तस्करी में शामिल किया जा रहा है क्योंकि उन पर आसानी से संदेह नहीं होता और वे पहाड़ी क्षेत्रों तक नशे की खेप पहुंचाने में इस्तेमाल किए जाते हैं।
एसटीएफ की एएसपी रेणु कुमारी ने बताया कि 60.45 ग्राम चिट्टे की बरामदगी के बाद मिली जानकारी के आधार पर बैकवर्ड लिंक का खुलासा किया गया है। इस कार्रवाई में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 18 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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